गीता शोध संस्थान में गीता जयंती महोत्सव-2025 का आयोजन

30 नवंबर और 01 दिसंबर 2025 को को उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा वृंदावन में संचालित गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी में दो दिवसीय गीता जयंती महोत्सव का आयोजन किया गया।
प्रथम दिवस गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी के प्रशिक्षु छात्र व छात्राओं ने अठारह अध्याय- अठारह श्लोक कार्यक्रम के अंतर्गत संगीतमय प्रस्तुति दी। मणिपुर की रंग निकेतन सोसाइटी की ओर से गीता विद्वान अमरजीत सिंह ने विचार रखे।
भक्ति वेदांत सोसाइटी सिंगापुर के अध्यक्ष अनुकम्पन दास ने संगीतमयी गीता गीत कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।
प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत गीता शोध संस्थान वृंदावन के निदेशक प्रो दिनेश खन्ना और ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डा उमेश चंद्र शर्मा ने किया। पुरातत्वविद चंद्रू रमेश ने मथुरा के पुरातत्व संपदा के उत्खनन कराए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। जयंती के दोनों दिवस का संयोजन व समन्वयन गीता शोध संस्थान के समन्वयक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार का रहा।
मोक्षदा एकादशी के उपलक्ष्य में दूसरे दिन श्री गीता-एक अध्यात्मिक विज्ञान विषय पर संगोष्ठी के अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।
श्री गीता एक अध्यात्म विज्ञान विषयक संगोष्ठी में गौरांग इंस्टीट्यूट फॉर वैदिक एजुकेशन (Give) के संस्थापक श्री वृंदावन चंद्र दास ने गीता के गूढ रहस्यों को सरलता से समझाया। प्रारंभ में अतिथि स्वागत गीता शोध संस्थान वृंदावन के निदेशक प्रो दिनेश खन्ना ने किया। ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डा उमेश चंद्र शर्मा जी ने अंत में आभार व्यक्त किया।
अन्य वक्ताओं में सत्यप्रकाश शर्मा ‘सोटान॔द’, साहित्यकार कपिल देव उपाध्याय, महेश चंद्र शर्मा, समाजसेवी मधु ठाकुर, शिक्षाविद् प्राचार्य मिश्रा, संध्या मिश्रा ने विचार व्यक्त किए।
मुकेश व मयूर कौशिक बंधुओं ने गीता पर समाज गायन किया। सुनील शर्मा ने पटुका पहनाकर सम्मान किया।