स्थान: टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर (टीएफसी) के सामने, पानीगांव रोड, वृन्दावन
website:geetashodhsansthan.com
email:geetashodhsansthan_vbn@gmail.com
गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी ब्रज की सांस्कृतिक आत्मा को समर्पित एक अद्वितीय केंद्र है। यह संस्थान गीता के आध्यात्मिक प्रकाश और रासलीला की दिव्य कलात्मक परंपरा को संरक्षित रखते हुए नई पीढ़ी के लिए रासलीला व अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रशिक्षण के लिए प्रमुख माध्यम है।
संस्थान का परिचय
गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी, वृन्दावन, मई 2022 से उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, मथुरा के अधीन प्रतिष्ठित सांस्कृतिक एवं शैक्षिक केंद्र के रूप में कार्यरत है। श्रीमद्भगवद्गीता एवं रासलीला के संरक्षण, संवर्धन और गीता के प्रचार-प्रसार के लक्ष्य पर यह संस्थान निरन्तर सक्रिय है। यह संस्थान ब्रजभूमि की मंचीय कला परंपरा, विशेषकर रासलीला के प्रशिक्षण एवं मंचन, गीता अध्ययन, संगोष्ठियों, सांस्कृतिक उत्सवों का केंद्र बिंदु है। यहाँ न केवल रासलीला का प्रशिक्षण दिया जाता है, बल्कि ब्रज की अन्य सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए संस्थान सक्रिय है।
संस्थान के उद्देश्य :-
- श्रीमद्भगवद्गीता का प्रचार-प्रसार, स्कूलों में बच्चों को एवं जेल में बंदियों, महिला आश्रय सदनों आदि में विद्वानों से प्रेरक उद्बोधन दिलवाता है। गीता आधारित नैतिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों का प्रसार प्रसार ही ध्येय है।
- ब्रज की पारंपरिक रासलीला के संरक्षण के ध्येय से रास का प्रशिक्षण व मंचन कराया जाता है।
- ब्रज के स्कूली बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कथक नृत्य आदि के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित कराता है
- रासलीला प्रशिक्षण में कलाकार तैयार करने के ध्येय से वेश भूषा, गायन, वादन व नृत्य आदि का प्रशिक्षण दिलाया जाता है
5. ब्रज संस्कृति आधारित साहित्य /कला व विधा के क्षेत्र में समय-समय पर संगोष्ठी, कार्यशाला व प्रशिक्षण शिविर आदि का आयोजन होता है।
संस्थान का परिसर एवं संसाधन :-
छोटे व बड़े दो सभागार हैं एवं अधिकारीगण के अलग-अलग कक्ष हैं।
मुक्ताकाशीय मंच
यहां परिसर मेंआधुनिक सुविधाओं से युक्त 600 लोगों के बैठने की क्षमता वाला ओपन प्रेक्षागृह है। 1000 की क्षमता वाला दूसरा बड़ा प्रेक्षागृह निर्माणाधीन है।
ग्रंथालय
लघु ग्रंथालय /पुस्तकालय है। पढने के लिए अलग वाचनालय कक्ष है।
(गीता के विभिन्न प्रकाशकों के ग्रंथ एवं अन्य विषयों की पुस्तकों की उपलब्धता है)
गीता जयंती महोत्सव
हर वर्ष मोक्षदा एकादशी को दिसम्बर के प्रथम सप्ताह में दो दिवसीय गीता जयंती का आयोजन होता है।
(स्कूली बच्चों के मध्य जाकर गीता आधारित श्लोक व चित्र आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन)
अन्य
गीता व्याख्यान श्रृंखला में विद्वानों, आचार्यों व प्रोफेसरों द्वारा संस्थान में व संस्थान के बाहर प्रेरक व्याख्यान करवाए जाते हैं।
ब्रज संस्कृति से जुड़ी संगोष्ठियाँ एवं सेमिनार होती हैं। ब्रज की लोककला, ब्रज के मंदिर, ब्रज की भाषा आदि विषयों पर भी संगोष्ठी होती हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम
रास प्रशिक्षण प्राप्त विद्यार्थियों ने विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी मंचों पर सफल प्रस्तुतियां दी हैं।
(उप्न ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा आयोजित सभी प्रमुख आयोजन में भी अकादमी के प्रशिक्षु कलाकार विधिवत रासलीला मंचन प्रस्तुत करते हैं(
राष्ट्रीय दिवस
विशेष पर्वों, राष्ट्रीय दिवसों का आयोजन व ध्वजारोहण होता है। विभिन्न समारोहों में रासलीला, कृष्ण लीला, बाल लीला, गीताोपदेश आदि मंचन होता है।
एमओयू एवं संस्थागत सहयोग
1-भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय लखनऊ से एमओयू 12 जून 2023 को हुआ। इसमें कथक प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षक संस्थान में भेजा जाता है। प्रशिक्षण के बाद कलाकार को प्रशस्ति पत्र वितरण किया जाता है।
2 भक्तिवेदांत रिसर्च सेंटर, पुणे इस सेंटर से एमओयू अगस्त 2023 में हुआ जिसमें गीता आधारित पाठ्य सामग्री सेंटर ने भेजी है।
श्रीकृष्ण के लीलाओं के चित्रों की वर्कशॉप
पिछले तीन चार साल से परिषद द्वारा राष्ट्रीय चित्रांकन शिविर लगवाए गये। इसमें निर्मित उत्कृष्ट चित्रों का संग्रहण संस्थान में संरक्षित है। चित्रों की प्रदर्शनी लगती है। ब्रज में हुईं लीलाओं, पर्व एवं लोक संस्कृति के चित्र कैनवास पर बनवाए जाते हैं।
पुस्तक विमोचन कार्यक्रम
गीता, ब्रज संस्कृति, कला व साहित्य एवं इतिहास संबंधी पुस्तकों का विमोचन होता रहता है।
सांस्कृतिक पर्व
गीता जयंती व जन्माष्टमी व अन्य पर्व मनाये जाने की परंपरा है।
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