गीता के प्रचार-प्रसार के लिए तीन संस्थाओं के साथ एमओयू

01 दिसंबर 2025 को को गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी वृंदावन में महत्वपूर्ण एमओयू (Memorandum of understanding) हुआ जिसमें गीता के प्रकल्प को आगे बढ़ाने के लिए इस्कॉन से जुड़ी तीन अलग-अलग संस्थाओं के साथ सहमति पत्र (एमओयू) जारी हुआ।
ये एमओयू भक्ति वेदांत इंस्टीट्यूट सिंगापुर, गीता जयंती इंटरनेशनल ट्रस्ट, वृन्दावन और रंग निकेतन सोसायटी, मणिपुर (संयुक्त संस्थाओं) के साथ हुआ है।
इसके अन्तर्गत इन तीनों संस्थान के गीता विशेषज्ञ समय- समय पर गीता शोध संस्थान के गीता के उत्प्रेरक कार्यक्रमों में उद्बोधन के लिए पधारेंगे। साथ ही ये तीनों संस्थान भविष्य में अपने यहां रासलीला मंचन के लिए गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी के प्रशिक्षुओं को अपने यहां आमंत्रित कर मंचन करवाएंगे। इसके अलावा ब्रज संस्कृति से जुड़े अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आदान- प्रदान- प्रदान होता रहेगा।
एमओयू पर गीता शोध संस्थान की ओर से निदेशक प्रो दिनेश खन्ना व संस्थान समन्वयक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने औपचारिकताएं पूरी कीं जबकि गीता के प्रचार-प्रसार से जुड़ी संस्थाओं की ओर से एमओयू पर दीना अनुकंपन दास, सचिव, गीता जयंती इंटरनेशनल ट्रस्ट, वृन्दावन के अलावा डब्ल्यू अमरजीत सिंह, निदेशक, भक्ति वेदांत इंस्टीट्यूट सिंगापुर एवं रंग निकेतन मणिपुर के हस्ताक्षर हुए। चंद्रू रमेश जो कि निदेशक हिस्टोरिका फाउण्डेशन दिल्ली हैं, के भी हस्ताक्षर हुए।

गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी, वृंदावन और सार्वजनिक शिक्षोन्नयन संस्थान, लखनऊ के मध्य MOUसहमति पत्र जारी:
दोनों संस्थान के मध्य ये MOU कृष्ण कुटीर, महिला आश्रय सदन वृंदावन में फिल्म निर्देशक व अभिनेता (चाणक्य धारावाहिक के निर्माता-निर्देशक) प. चंद्र प्रकाश द्विवेदी की उपस्थिति में हुआ।
एमओयू पर गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी, वृंदावन की ओर से निदेशक प्रो दिनेश खन्ना और संस्थान के समन्वयक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने हस्ताक्षर किये। सार्वजनिक शिक्षोन्नयन संस्थान, लखनऊ की ओर से संस्थापक प्रबंधक डा सुशील चंद्र त्रिवेदी, अध्यक्ष श्रीमती स्नेहिल पांडेय और डा देवी प्रसाद तिवारी के हस्ताक्षर हुए।
उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक शिक्षोन्नयन संस्थान, लखनऊ द्वारा वृंदावन में कृष्ण कुटीर आश्रय सदन समेत प्रदेश भर में कई अन्य सरकारी आश्रय संस्थानों का संचालन किया जा रहा है।
MOU के अंतर्गत *गीता शोध संस्थान वृंदावन भविष्य में कृष्ण कुटीर में ‘सर्वभाषा गीत संगीत के कार्यक्रम’ ‘गायन की कार्यशाला’, कला, संस्कृति और प्रतिभा अभिरूचि की दृष्टि से वृद्धाओं का सांस्कृतिक सर्वे आदि गतिविधियां व कार्यक्रम आयोजित करेगा।