रंगोत्सव 2025: गीता शोध संस्थान वृंदावन में नित्यरास और मधुकर के भजन

होली के पर्व को उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने रंगोत्सव-2025 के रूप में मनाया।
21मार्च 2025 को वृंदावन के गीता शोध संस्थान के ओपन एयर थिएटर OAT पर रंगोत्सव में गायक मधुकर के भजन हुए और संस्थान में रासलीला सीख रहे प्रशिक्षु कलाकारों ने नित्य रास किया। गीता शोध संस्थान के ओएटी पर अष्ट-सखियों ने राधा- कृष्ण के साथ सुंदर वाद्य यंत्रों संग किया अद्भुत मनोहारी मंचन किया।
ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डॉ उमेश चंद्र शर्मा की देखरेख और निदेशक प्रो दिनेश खन्ना के निर्देशन में अकादमी के प्रशिक्षुओं द्वारा नित्यरास की अद्भुत मनोहारी प्रस्तुति का आयोजन किया गया। गीता शोध संस्थान वृंदावन के समन्वयक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार के संचालन में ‘नित्य रास’ हुआ।
इस मंचन में ब्रज गोपियां श्री कृष्ण के ब्रज में आने से स्वयं को गौरवान्वित मानती हुई कहती हैं : हे श्रीकृष्ण! आपके जन्म से ब्रज की महिमा बढ़ गई है । बैकुंठ से भी श्रेष्ठ यह ब्रज है तभी तो लक्ष्मी जी सभी सुखों को त्याग कर यहां निवास करती हैं।
अष्ट गोपियों के द्वारा सूरदास जी के द्वारा रचित पद द्वारा मंगलाचरण “चरण कमल बंदों हरि राई” का नृत्य के साथ गायन हुआ, जिसका भाव श्री राधा कृष्ण के श्रीचरण परिन्दों की वंदना से है।
वंदना के पश्चात “अनुपम माधुरी जोड़ी हमारे श्याम श्याम की” इसमें युगल सरकार के अनुपम सौंदर्य का वर्णन किया गया है। अब सखियां आरती गायन में “आरती कुंज बिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की” में संगीतमय भाव-नृत्य में अष्ट-सखियां सुंदर वाद्यों के साथ अद्भुत मनोहारी नृत्य संरचना देख सभी दर्शक मंत्रमुग्ध होकर आनंदित हुए।
नित्य रास के साथ ही स्वामी घनश्याम शर्मा रासाचार्य द्वारा होली के गीत “आज बिरज में होरी रे रसिया” एवं “होरी खेलन आयो श्याम आज याय रंग में बोरो री” गायन ने दर्शकों को होली के रंग में सराबोर कर दिया।
प्रशिक्षुओं में कीर्ति गोस्वामी, पारुल किशोरी, प्राची डे, नीलम, राधा सिंह, प्रियंका, आकांक्षा, रोशनी, अंजलि, कविता, मोहिनी कृष्णदासी, पायल आदि ने भाग लिया।
अकादमी के प्रशिक्षकों में जगदीश पथरिया, रासलीला सिद्धांत, आकाश शर्मा, स्वर संयोजन, सुनील कुमार पाठक तबला/पखावज, कृष्णा पांडे, बांसुरी वादक, मनमोहन कौशिक, सारंगी वादक, रासाचार्य घनश्याम भारद्वाज, हारमोनियम, रचना शर्मा नृत्य संयोजन रितु सिंह, परिधान, मोना ब्रजवासी, मेकअप रितु ने कराया। अकादमी के समन्वयक श्री सिकरवार ने स्टेज की व्यवस्था संभाली।
रंगोत्सव में हुए ‘नित्य रास’ में डॉ विजय पंडित, डॉ देवी पंथी, शीतल देवयानी, कपिल उपाध्याय, नेपाल के कुलपति श्री घनश्याम परिश्रमी, ब्रज कला केन्द्र से राजेंद्र अग्रवाल मथुरा, श्रीमती ममता मृदुल आदि के साथ भारत-नेपाल से बुद्धिजीवी विद्वानों की उपस्थिति रही।
इसी प्रकार बरसाना व अन्य स्थलों पर उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के मंचों पर होली रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की दिन तक हुए।