गीता शोध संस्थान में ‘ब्रज में श्रीराम’ पर संगोष्ठी, विद्वतजनों का मंथन

उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा संचालित गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी वृंदावन में अयोध्या में श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा की एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष में “ब्रज में श्री राम” विषय पर एक विद्वत संगोष्ठी का आयोजन हुआ। संगोष्ठी में वृंदावन एवं मथुरा से अनेक विद्वतजन ने भाग लिया।
अकादमी के निदेशक प्रो दिनेश खन्ना, ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डॉ उमेश चंद्र शर्मा, साहित्यकार श्री गोपाल शरण शर्मा, साहित्यकार कपिल देव उपाध्याय, वृंदावन शोध संस्थान के निदेशक डॉ राजीव द्विवेदी, मथुरा के श्री महेश पांडेय ने बृज में राम पर अध्यात्मिक विषय पर विचार रखे।
गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी के संगीत प्रशिक्षकों द्वारा श्री राम की स्तुति का गायन किया। गीता मर्मज्ञ श्री महेश शर्मा ने श्रीमद् भागवत गीता के श्लोक द्वारा प्रमाणित किया कि श्री कृष्ण ने स्वयं कहा है कि मैं राम हूं। किशोरी रमण कॉलेज मथुरा के संस्कृत विभाग अध्यक्ष डॉ रामदत्त मिश्रा ने कहा कि श्री राम के बिना भारत में उच्च आदर्श होना संभव नहीं है ।
शिक्षाविद डा ज्योत्सना शर्मा,
शिक्षिका डॉ संध्या मिश्रा, पूर्व प्राचार्य डॉ विनोद बनर्जी , डॉ के के शर्मा ने विचार रखे। संगोष्ठी का संचालन अकादमी के समन्वयक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने किया और सभी विद्वानों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर जगदीश पथसारिया, घनश्याम भारद्वाज आकाश शर्मा मनमोहन कौशिक, सुनील पाठक व दीपक शर्मा आदि का सहयोग रहा।